Monday, July 9, 2007

मिलन

चांद खड़ा है द्वारे पर ,
तारों की बारात लिए ।

अम्बर ने अपने आंगन में ,
सजा लिए हैं अरबों दिए।

खिल उठी चांदनी शर्मा कर ,
मेघों का घूँघट किये ।

माथे पर हैचांद की बिंदिया ,
दिल में हैं अरमान लिए।


माला थामे नयन झुकाकर ,
सिमटी है शृंगार किये।

गीतों को गूंजित कर डाला,
अधरों को चुप चाप सिये ।

सितारों की माला गुथ डाली,
चल पडी मिलन है आज प्रिये !
पूनम की है रात प्रिये,
मिलन है आज प्रिये !!!!.....

-पूनम अग्रवाल

4 comments:

अनूप शुक्ला said...

बहुत खूब!

Poonam Agrawal said...

Thanks a ton....Anupji

Nidhi said...

Milan to abhi bhi baki h
Rat ka din se
Ap ka hum se
Poonam ka kiran se


Awsome

Nidhi said...

Milan to abhi baki h
Rat ka din se
ap ka hum se
Poonam ka kiran se

Awesome