Friday, July 6, 2007

चलो आज किसी रोते को हंसयाजाये


चलो आज किसी रोते को हन्सायाजाये
नम आंखों की नमी को सुखाया जाये ।

छोटी सी ख़ुशी में तुम हंसी ढूंढ़ लेना ,
ना करना इन्तजार बड़ी सी ख़ुशी का
उमर यूँही बीत जायेगी पलक झपकते ,
बड़ी ख़ुशी क्या पता कल आये ना आये ।

चलो आज किसी रोते को हन्सायाजाये
नम आंखों की नमी को सुखाया जाये ।

संघर्षों से दबी जा रही है जिन्दगी इन्सान की ,
इन्सान को तुम शैतान से न मिलने देना
उमड़ पड़ेगा प्यार टूटेंगे सब बन्धन ,
इन्सान को इंसानियत से मिलाया जाये ।

चलो आज किसी रोते को हन्सायाजाये
नम आंखों की नमी को सुखाया जाये ।

गीत वो गाओ जो प्यार से सराबोर हो,
मीत से ऐसे मिलो कि नयी भोर हो
जीवन हर्षोल्लास से भर जाएगा ,
दुःख को सुख से मिलाया जाये ।

चलो आज किसी रोते को हन्सायाजाये
नम आंखों की नमी को सुखाया जाये ।

- पूनम अग्रवाल

4 comments:

shubham said...

Hi mom..
I think this is the best of all..!!:)

PyaR said...

Kaffi accha likhati hai Poonam ji aap
Shubham ne aapka link post kiya tha

ek sher yaad aaya hai is rachna ko padhkar

ghar se masjid hai bahut door chalo yun kar le
kisi rote huye bachay ko hansaya jaye

shukriya

Anonymous said...

thumbs up aunty.....!!!!
awesome!!!!
waise it did the opposite...
but the tears were of joy!!!!

Anonymous said...

very well written aunty!!