Sunday, February 26, 2012

nari


नारी.....

ईश्वर की अनूठी रचना हूँ मै
हाँ ! नारी हूँ मैं .........
कभी जन्मी कभी अजन्मी हूँ मैं ,
कभी ख़ुशी कभी मातम हूँ मैं .

कभी छाँव कभी धूप हूँ मैं,
कभी एक में अनेक रूप हूँ मैं.

कभी बेटी बन महकती हूँ मैं,
कभी बहन बन चहकती हूँ मैं .

कभी साजन की मीत हूँ मैं ,
कभी मितवा की प्रीत हूँ मैं .

कभी ममता की मूरत हूँ मैं ,
कभी अहिल्या,सीता की सूरत हूँ मैं .

कभी मोम सी कोमल पिंघलती हूँ मैं,
कभी चट्टान सी अडिग रहती हूँ मैं .

कभी अपने ही अश्रु पीती हूँ मैं,
कभी स्वरचित दुनिया में जीती हूँ मैं .
ईश्वर की अनूठी रचना हूँ मै,
हाँ ! नारी हूँ मै .....

पूनम अग्रवाल .....



21 comments:

वन्दना said...

बहुत सुन्दर रचना।

Dr.Bhawna said...

Lmbi bimari ke baad aap sabko padhne ka avsar mila...Bahut khubsurat rachna hai naari par bahut2 badhai

Unknown said...

Very Nice....Amazing description...Really touching...:)...

Unknown said...

Very Nice...touching...really nice description...

Unknown said...
This comment has been removed by a blog administrator.
Viksit Khanna said...

Very Nice...touching...really nice description...

CARE said...

EXCELLENT. TOUCHING

અભણ અમદાવાદી said...

बहुत खूब, बड़ी प्यारी रचना है

Saras said...

वाह ! नारी होने पर सहसा गर्व होने लगा....बहुत ही प्रभावपूर्ण रचना !!!!

expression said...

very nice poem poonam....
your profile is interesting....
i too am sharing the same interests...
seeing poetry in art work and art in poems..
following u so will be in touch...
great luck...
anu

दिगम्बर नासवा said...

नारी सच में इश्वर की रचित रचना ही तो है ... बहुत खूब ...

Dr. sandhya tiwari said...

बहुर सुन्दर अभिव्यक्ति --------बहुत अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आकर

Shabbir Chourasiya said...

आपका सब कविता बहुत ही दिल को छूता है ..मेरा भी कविता को कृपया पढाना ..मैं भी नया नया लेखक हूँ www.ShabbirKumar.co.cc

dr sunil arya said...

very touching...
poetry at its best..

vaibhav pandey said...

REALLY THAT'S A HEART TOUCHING CREATION. VAIBHAV PANDEY

Rakesh Jain said...

Nice One

Rakesh Jain said...

Nice one

Rahul Kumar said...

Nice creation...

Rahul Kumar said...

Nice creation n heart touching

arun kumar said...

thik hai but aur bhi rup hai nari ke jo kahane yogya nahi hai.

Anonymous said...

apane thik kaha jo ki achi bate hai kucha buraia bhi hai us nari me