Friday, March 15, 2013

Mere nanhe farishte

तुम्हें न देखा न स्पर्श किया,
नाही सुना है अब तक 
पर  तुम कितने खास बन गए हो ,
तुम्हारे आने की जब से हुई है दस्तक !

तुम्हारे आने का इन्तजार है अब 
तुम्हे पाने को बेकरार है सब 
जुड़ गए है तुमसे  अनेको रिश्ते 
मेरी दुवाये तुमको मेरे नन्हे फ़रिश्ते!

तुम कभी हिचकी कभी किकिंग से 
कराते हो अहसास अपना 
तभी तुम लगते हो हकीकत ,
नहीं हो कोई सपना !!

जब से पता चला है 
एक नवजीवन पल रहा है .
जुड़ गए है तुमसे मेरे इमोशंस 
तुमने करा दिया है मेरा भी प्रमोशन !!

पूनम अग्रवाल ......

8 comments:

शिवनाथ कुमार said...

हर माँ के लिए एक सुन्दर अहसास
शुभकामनाएँ !

mxrady said...

Awesome

Nitesh Goyal

mxrady said...

Awesome

Nitesh Goyal

Vinay Prajapati said...

नव संवत्सर की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ!!

vijay kumar sappatti said...

बहुत सुन्दर कविता पूनम .
एक माँ का सपना .
सुन्दर अहसास .
बधाई

Arush Agrawal said...

Great work

Koyel said...

Nice post. follow by blog general knowledge

ऋषभ शुक्ला said...

आपका ब्लॉग मुझे बहुत अच्छा लगा, और यहाँ आकर मुझे एक अच्छे ब्लॉग को फॉलो करने का अवसर मिला. मैं भी ब्लॉग लिखता हूँ, और हमेशा अच्छा लिखने की कोशिस करता हूँ. कृपया मेरे ब्लॉग पर भी आये और मेरा मार्गदर्शन करें.

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